गुनाहों से तौबा करने का तरीका | Gunaho se tauba karne ka tarika

तौबा करने का तरीका - 

बिस्मिल्लाह रहमान निर्रहीम 
मशाइखे उज्जाम ने फ़रमाया की तौबा के तीन अरकान होते है | 
1. माजी पर नदामत 
2. हाल में इस गुनाह को छोड़ देना 
3. और मुस्तकबिल में इस तरफ न लौटने का पुख्ता इरादा 
यह शराइत उस वक्त होगी की जब यह तौबा ऐसे गुनाहों से हो की जो तौबा करने वाले और अल्लाह तआला के दरमियान हो जैसे शराब पानी | और अगर अल्लाह तआला के हुकूक की अदाएगी में कमी पर तौबा की है जैसे नमाज , रोजे और जकात तो इन तौबा यह है की अव्वलन इन में कमी पर नादिम व शर्मिन्दा हो फिर इस बात का पक्का इरादा करे की आयन्दा इन्हे फौत न करेगा अगर नमाज को उस के वक्त से मुअख्खर करने के साथ हो फिर तमाम फौतशुदा को कजा करे | माल की जिम्मेदारी से निकलने और मज्लूम को राजी करने पर मौकूफ होगी इस सूरत के साथ की या तो इन से इस माल को हलाल करवा ले ( मुआफ करवा ले ) या इन्हे लौटा दे |  शख्स पर कुछ ऐसे लोगो के दैन मसलन ग़सब शुदा चीज मज़ालिम और दीगर जराइम है की जिन को यह नहीं पहचानता तो अदाएगी की निय्यत से दियून की मिकदार माल गरीबों पर सदका करें | फिर अगर वह इन्हे अल्लाह तआला की बारगाह में तौबा करने के बाद पाए तो इन से मुआफी तलब करे | और अगर तौबा ऐसे मज़ालिम से हो की जो एराज ( किसी की इज्जत से तअल्लुक रखते ) जैसे जिना की तोहमत लगना और ग़ीबत तो इन की तौबा में जिन पर तोहमत लगाई या जिन की ग़ीबत की उन्हें इस बात की खबर दें की जो इस ने उन के बारे में कही थी और फिर उन से मुआफी तलब करे | 

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सच्ची तौबा किसे कहते है -

मेरे प्यारे इस्लामी भाइयों याद रखिये की ठण्डी आहें भरने या अपने गालों पर चपत मारने या अपने नाक और कानों को हाथ लगाने या अपनी जबान दांतों तले या फिर सर हिलाते हुए तौबा , तौबा , तौबा की गर्दान करने का नाम तौबा नहीं है बल्कि सच्ची तौबा से मुराद यह है की बन्दा किसी गुनाह को अल्लाह तआला की नाफ़रमानी जान कर इस पर नादिम होते हुए रब अज्वाजल से मुआफी तलब करे और आयन्दा के लिए इस गुनाह से बचने का पुख्ता इरादा करते हुए इस के इजाले के लिए कोशिश करे यानी नमाज कजा की थी तो अब अदा भी करे , चोरी की थी या रिश्वत ली थी तो बादे तौबा वह माल अस्ल मालिक या उस के वुरषा को वापस करे या मुआफ करवा ले और इन दोनों ( अस्ल मालिक या वुरषा ) के न मिलने की सूरत में अस्ल मालिक की तरफ से रहे खुदा में सदका कर दें | हजरते सय्यिदुना इब्ने अब्बास रदी अल्लाह तआला अन्हो से मरवी है की क़ियामत के दिन कई तौबा करने वाले है हालांकि वह तौबा करने वाले नहीं है | यानी तौबा का तरीका इख़्तियार नहीं किया नदामत नहीं हुई गुनाहों से रुक जाने का अज्म नहीं किया , जिन पर जुल्म किया है उन से मुआफ नहीं कराया और न उन को हक़ दिया बशर्ते की मुमकिन था अगर जिस ने कोशिश की और नाकामी की सूरत में अहले हुकूक के लिए इस्तिगफार किया तो उम्मीद है की अल्लाह तआला अहले हुकूक को राजी कर के इसे छुड़ा लेगा | 
 
सेब खाने का फायदा और सही तारिका

नाम - वसीम अल्वी 
मेल - meraislam765@gmail.com

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