Bismillah ki fazilat in hindi | Bismillah padne ke bahut sare fayde

बिस्मिल्लाह की फजीलत

(Bismillah ki fazilat )
बिस्मिल्लाह रहमान निर्रहीम 
हजरते सय्यिदुना अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास रदी अल्लाह तआला अनहो   रिवायत है कि अमीरुल मुआमिनिन हजरते सय्यिदुना उस्मान इब्ने अफ्फान रदी  अल्लाह तआला अन्हो ने नबियों के सुल्तान सरवरे जी शान सरदारे दो जहान  सलल्लाहो तआला अलेहो वसल्लम से बिस्मिल्लाही अर्हमानी रहीम की फजीलत के बारे में इस्तिफ़सार किया तो अल्लाह तआला के मेहबूब दानाए जुयूब मुनज़्जहुन अनिल उयूब सलल्लाहो तआला आलेहो वसल्लम ने फ़रमाया यह अल्लाह तआला के नामो में से एक नाम है और अल्लाह तआला के इस्मे आ जम और इस के दरमियान ऐसा ही क़ुर्ब है जैसे आँख की सियाही पुतली और सफेदी के दरमियान |मीठे मीठे इस्लामी भाइयों इसमें आ जम की बहुत बरकते है इसमें आ जम के साथ जो दुआ की जाए वो  काबुल हो जाती है सरकारे अला हजरत रहमतुल्लाए तआला अलेहो के वालिदे माजिद हजरत रईसुल मु - तकल्लिमीन मौलाना नकी अली खान अलैहि रहमतुल्लाहि फरमाते है बिस्मिल्लाही अर्हमान रहीम को इसमें आ जम कहा सरकारे बगदाद हुजूर गौसे पाक रदी अल्लाह तआला अनहो से मन्क़ूल है बिस्मिल्लाह जबाने आरिफ ( आरिफ यानी अल्लाह तआला को पहचानने वाला ) से ही है | 

अधूरा काम 

सरकारे मक्कए मुकर्रमा सरदारे मदीनए मुन्नावरह  सलल्लाहो तआला आलेही वसल्लम ने फ़रमाया जो भी अहम् काम बिस्मिल्लाहि अर्हमान रहीम के साथ सुरु नहीं किया जाता वो अधूरा रह जाता है मेरे प्यारे इस्लामी भाइयों अपने नेक और जाइज कामो में बरकत दाखिल करने के लिए हमें पहले बिस्मिल्लाहि अर्हमान रहीम जरूर पड़ लेना चाहिए खाना खाने या खाना खिलने, पीने पिलाने, रखने उठाने, धोने पकने, पड़ने पढ़ाने, चलने या फिर गाडी में चलने, उठने उठाने, बैठने बिठाने, बत्ती जलाने, पंखा चलने दुकान खोलने, दुकान बढ़ाने, दस्तरख्वान बिछाने, ताला खोलने लगाने,इत्र लगाने, दरवाजा खोलने बंद करने हर जाइज काम की सुरुवात में बिस्मिल्लाह अर्हमान रहीम पड़ने की आदत बना कर इसकी बरकते लूटना सहादत है  

घर की हिफाजत के लिए 

हजरते सय्यिदुना इमाम फखरुद्दीन राजी अलैहि रहमतुल्लाहि फरमाते है जिस ने अपने घर के बाहर दरवाजे पर बिस्मिल्लाह अर्हमान रहीम लिख लिया वो सिर्फ दुनिया में हलाकत से बे खौफ हो गया ख़्वाह काफिर ही क्यों ना हो तो भला उस मुसलमान का क्या आलम होगा जो जिंदगी भर अपने दिल के आबगीने पर इस को लिखे हुए होता है | 

दर्दे सर का इलाज 

कैसरे रूप ने अमीरुल मुअमिनीन हजरते सय्यिदुना उमर फारुके आ जम रदी अल्लाह तआला अन्हो  को खत लिखा की मुझे दाइमी दर्दे शर की शिकायत  हे अगर आपके पास इसकी दवा हो तो भेज दीजिये | हजरते सय्यिदुना उमर फ़ारुके आ जम रदी अल्लाह तआला अन्हो ने उसको एक टोपी भेज दी कैसरे रूप उस टोपी को पहनता तो उस का दर्दे सर काफूर हो जाता और जब सर से उतारता तो दर्दे सर फिर लौट आता सबसे बड़ा ताजुब्ब हुआ आखिर कार उसने उस टोपी को उधेड़ा तो उस में से एक कागज बर आदम हुआ जिस पर बिस्मिल्लाह अर्हमान रहीम लिखा था | 

नक्सीर फूटने का इलाज 

अगर किसी की नक्सीर फूट जाए और खून बहने लगे तो सहादत कद्दी ऊँगली से पेशानी पर से बिस्मिल्लाह अर्हमान रहीम लिखना शुरू करके नाक के आखिर पर ख़त्म करे इन्शाह अल्लाह अज़वाजल  खून बंद हो जाएगा | 

जिन्नात से सामान की हिफाजत का तरीका 

हजरते सय्यिदुना सफ्वान बिन सुलेम रहमतुल्लाहे तआला अन्हो फरमाते है इन्सान के साजो सामान और मल्बूसात
को जिन्नात इस्तेमाल करते है | लिहाज तुम में से जब कोई सख्स कपड़ा पहन ने के लिए उठाए या उतार कर रखे तो बिस्मिल्लाह शरीफ पड़ लिया करे इसके लिए अल्लाह तआला का नाम मोहर है | 
मेरे प्यारे इस्लामी भाइयो इस तरह चीज रखते उठाते वक्त बिस्मिल्लाह शरीफ पड़ने की आदत बनानी चाहिए इन्शाह अल्लाह अज्वाजल  शरीर जिन्नात की दस्त बुर्द से हिफाजत हासिल होगी | 

 तो मेरे प्यारे प्यारे इस्लामी भाइयों कोई भी काम शुरू करने से पहले एक मरतबा बिस्मिल्लाह शरीफ जरूर पड़ ले मेरे प्यारे भाइयों बिस्मिल्लाह शरीफ पड़ने के हमारे कितने फायदे हे और हमें बिस्मिल्लाह सरीफ पड़ने से सवाब मिलता है तो मेरे प्यारे भाइयों कोई भी काम शुरू करने से पहले बिस्मिल्लाह शरीफ पड़ने की आदत दाल ले | 

please check out-

नाम - वासिम अल्वी 
gmail - meraislam765@gmail.com

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